Saturday, April 21, 2012

A New Dream To Live...

फिर दिल पे किसी ने दसतक दी है,
          मेरी घड़कनो को फिर वो तेज़ी दी है।
अभी जिन्दा हूँ मैं, यह अहसास दिया है,
         फिर जीने के लिये, ऐक नया ख्वाब दिया है।।

Wednesday, January 4, 2012

ख्वाहिशे


बारिश की बूदें ईन्सा से, कुछ ईत्फाक तो रखतीं हैं,
                   बसतीं हैं आसमा में फिर भी, ज़मी की ख्वाहिश रखतीं हैं।
ईन्सा की फितरत भी तो, कुछ एसी ही होती हैं,
                   खुलते ही आखें ज़मी पर उसकी, आसमा की ख्वाहिशे बुनती हैं।
यह सबके साथ ही होता हैं, मेरे मन के साथ भी होता हैं,
                   जो पास नही हैं आज मेरे, मन ऊसी की ख्वाहिश करता हैं।।